।। मोर सपना: नेहक आजीविका ।।
एकटा छोट सन मकान,
आ चाउरक एकटा दुकान,
खोलय लेल हम मोन बना लेलहुँ,
अपन परिश्रम सं तकदीर जगा लेलहुँ।
आ चाउरक एकटा दुकान,
खोलय लेल हम मोन बना लेलहुँ,
अपन परिश्रम सं तकदीर जगा लेलहुँ।
छत आ दीवारक संग,
पेटक चिंता सेहो करब,
मर्यादा सं जीयब हम,
नेहक रंग में संसार भरब।
पेटक चिंता सेहो करब,
मर्यादा सं जीयब हम,
नेहक रंग में संसार भरब।
साधारण अछि ई ख्वाइश,
मुदा एहि मे हमर प्राण अछि,
मिहनत कऽ सुगंध सँ,
मिथिलाक माटिक शान अछि।
मुदा एहि मे हमर प्राण अछि,
मिहनत कऽ सुगंध सँ,
मिथिलाक माटिक शान अछि।

